अपनाग़म,अपनासरमायाहोताहै
मुश्किलमें,हरशख़्सपरायाहोताहै
अपनेबख़्तकी,ये'हुश्यारीहै,साहिब
रोज़,हुनरगलियोंमेंज़ाया'होताहै
आगे-आगेचलतीहै,येतन्हाई
पीछे-पीछे,अपना'सायाहोताहै
रोज़सु'बहफिरतुझकोपानेकीचाहत
रातगएतकदिल,समझायाहोताहै
मय-ख़ानेकी'चौखटपरआमिलतेहैं
इश्क़नेजिनकोभी,ठुकरायाहोताहै
सचकहताहूँ,उसपागलसीलड़कीने
पर्देमेंइक'चाँद,छुपायाहोताहै
चारा-साज़ो!उसकामरहमक्याहोगा
ज़ख़्म'मुहब्बतमेंजो,खायाहोताहै
देखकरनउसबज़्ममेंमतपढ़नाग़ज़लें
नक़्क़ादोंनेजाल,बिछायाहोताहै