हमारा दिल किसी गहरी जुदाई के भँवर में है
    मिरी ये आँख फिर है नम कभी मिलने चले आओ
    Tarun Bharadwaj
    0 Likes
    चला है जोश में मक़्तल की ओर जोशीला
    उसी को देख के कितनों को अक़्ल आई है
    Tarun Bharadwaj
    1 Like
    तुम्हें भूल जाऊँ सही में
    न आँसू बहाऊँ सही में
    Tarun Bharadwaj
    0 Likes
    सुनता नहीं ये दिल मेरी कोई भी बात अब
    मुझसे ख़फ़ा हुए हैं ये दिन-और-रात सब

    कह दे कि तेरी सोच में मैं इक ख़याल हूँ
    कह दे तू छोड़ती हूँ मैं भी तेरा साथ अब
    Read Full
    Tarun Bharadwaj
    0 Likes
    ख़्वाबों में ही सही तू आ तो सही
    दीप उम्मीद का जला तो सही
    Tarun Bharadwaj
    2 Likes
    ज़िंदगी इस तरह कुछ अपनी बसर होती रही
    चाह फूलों की थी काँटों पर गुज़र होती रही
    Tarun Bharadwaj
    0 Likes
    आने का वादा करो ऐसे न इंकार करो
    है अगर इश्क़ तो फिर इश्क़ का इज़हार करो
    Tarun Bharadwaj
    2 Likes
    तुम तो थक कर बैठ गए हो मंज़िल कैसे पाओगे
    तन्हा अँधेरी रात बहुत है कैसे दीप जलाओगे
    Tarun Bharadwaj
    1 Like
    दिल में लगेगा शे'र मेरा तीर की तरह
    मैं भी ग़ज़ल कहूॅंगा कभी मीर की तरह
    Tarun Bharadwaj
    1 Like
    मेरा दिल तुम शौक़ से तोड़ो एक तजुर्बा और सही
    जलता दीपक आके बुझा दो दिल में अंधेरा और सही

    भीड़ में तन्हा रहता हूं मैं मंज़र आकर देख लो ये
    लाख तमाशे देखे होंगे एक तमाशा और सही
    Read Full
    Tarun Bharadwaj
    1 Like

Top 10 of Similar Writers