
सुनता नहीं ये दिल मेरी कोई भी बात अब
मुझ से ख़फ़ा हुए हैं ये दिन-और-रात सब
कह दे कि तेरी सोच में मैं इक ख़याल हूँ
कह दे तू छोड़ती हूँ मैं भी तेरा साथ अब
— Tarun Bharadwaj
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