शैख़ी में लीन दुनिया है
ऐसी हसीन दुनिया है
ऐसी हसीन दुनिया है
सोचा था साथ देगी पर
ये तो ज़हीन दुनिया है
हरदम तेरा मेरा ये वो
कैसी नवीन दुनिया है
मेरा यक़ीन तुझ
में है
तेरा यक़ीन दुनिया है
आज़ाद अब कोई नहीं
ख़ुद के अधीन दुनिया है
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दुनिया से इतना डरती हो
जैसे तुम इक बच्ची हो
जैसे तुम इक बच्ची हो
हम ख़ुद को हम कहते हैं
या'नी हम में तुम भी हो
ऐसी बातों पर रोना
तुम तो बिल्कुल भोली हो
घर कर लेती हो दिल में
बिल्कुल जादूगर सी हो
बातें करती हो ख़ुद से ही
थोड़ी पागल लड़की हो
इतनी जज़्बाती हो तुम
फिर तो मेरे जैसी हो
कहती हैं रातें हम से
जो तुम दिन से कहती हो
झूठी दुनिया है और तुम
कैसे इतनी सच्ची हो
मरते हैं सब तुम पे जानाँ
और तुम मुझ पे मरती हो
ग़ालिब हो या मीर हो फिर
कुछ भी ठुकरा देती हो
सब आँखों में तुम हो बस
ऐसा कैसे करती हो
लड़ती हो जब मुझ से तुम
कितनी प्यारी लगती हो
हामी सब तब भरते हैं
जब तुम हामी भरती हो
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इस सफ़र में एक दम ही आम है तू ज़िंदगी
कुछ नहीं है बस मेरी ग़ुलाम है तू ज़िंदगी
कुछ नहीं है बस मेरी ग़ुलाम है तू ज़िंदगी
आदमी के हिस्से में यहाँ पे आता कुछ नहीं
सिर्फ़ इक बहुत बड़ा सा नाम है तू ज़िंदगी
जानकार तेरे बारे में यही बताते हैं कि
चिलचिलाती दोपहर की शाम है तू ज़िंदगी
पूछते ही रह गए तेरा पता हयात हम
जो मिला नहीं वो इक मक़ाम है तू ज़िंदगी
तेरी आँखों की नमी थी मेरे नाम किंतु अब
कोई और पी गया वो जाम है तू ज़िंदगी
चुप हो जाते हैं बड़े बड़े भी तेरे सामने
सरकशी ज़बान पे लगाम है तू ज़िंदगी
बीस साल जी के ये ख़याल है तेरे लिए
ख़ुद-कुशी से भी कहीं हराम है तू ज़िंदगी
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कोई दरवाज़ा मिलेगा अब न ही खिड़की मिलेगी
नफ़रतों के दौर में हर एक शय ऐसी मिलेगी
नफ़रतों के दौर में हर एक शय ऐसी मिलेगी
कुछ नहीं है ये मोहब्बत कहने वालों सोच लो ये
तुम को भी इक रोज़ ख़्वाबों में कोई लड़की मिलेगी
बस तेरा साया ही हूँ मैं इस से ज़्यादा कुछ नहीं हूँ
वैसे भी सागर किनारे थोड़ी तो मिट्टी मिलेगी
तालियों की गड़गड़ाहट में कहाँ जादूगरी है
जान जाओगे ये जब तुम से भी ख़ामोशी मिलेगी
बद-दुआ है या दुआ ये तो नहीं मालूम लेकिन
तेरी औलादों को महबूबा तेरे जैसी मिलेगी
राएगानी के अगर मानी समझने हैं तो आना
बा'द तेरे तुझ को हर इक शय यहाँ उजड़ी मिलेगी
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रब की क़स
में खाने वाले रब नहीं है
में खाने वाले रब नहीं है
रोज़ दर पर जाने वाले रब नहीं है
कर के हम ने देखे हैं ये भी जतन सब
नाम को दोहराने वाले रब नहीं है
मय चढाते हैं चढ़ाएँ आप लेकिन
कहते हैं मय-ख़ाने वाले रब नहीं है
तेरे क़िस्से सुनने में अच्छे हैं लेकिन
दुनिया को बहकाने वाले रब नहीं है
देखे हैं हम ने ग़रीबों पर हुए ज़ुल्म
बारहा समझाने वाले रब नहीं है
Read Fullकर के हम ने देखे हैं ये भी जतन सब
नाम को दोहराने वाले रब नहीं है
मय चढाते हैं चढ़ाएँ आप लेकिन
कहते हैं मय-ख़ाने वाले रब नहीं है
तेरे क़िस्से सुनने में अच्छे हैं लेकिन
दुनिया को बहकाने वाले रब नहीं है
देखे हैं हम ने ग़रीबों पर हुए ज़ुल्म
बारहा समझाने वाले रब नहीं है
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यूँ ग़ुलामी से सदा भरपूर होना चाहिए
आशिक़ों को इश्क़ में मज़दूर होना चाहिए
आशिक़ों को इश्क़ में मज़दूर होना चाहिए
बेवजह ही मर गया है वो किसी की याद में
बुज़दिलों को इश्क़ से कुछ दूर होना चाहिए
आप के क्या काम की है ये उदासी जाने जाँ
आप को तो इश्क़ में बस हूर होना चाहिए
ऐसे - कैसे डर रहे हैं आप हम को देख कर
आप के तो चेहरे ऊपर नूर होना चाहिए
कुछ न कर के भी उठाने चाहिए अपने ही नाज़
आदमी को ऐसे भी मग़रूर होना चाहिए
हर जगह पे चर्चा हो हर आदमी हो जानता
जंग हो या प्यार हो मशहूर होना चाहिए
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