Saurabh

Top 10 of Saurabh

    बूँद को ही समंदर बनाना
    बस यही है मुहब्बत निभाना
    Saurabh
    1 Like
    लोग आ तो गए हैं नए साल में
    पर सभी जी रहे हैं उसी हाल में
    Saurabh
    1 Like
    ग़ज़ल कब से अधूरी है मोहब्बत की
    किसी दिन इश्क़ को मतला दिया जाए
    Saurabh
    1 Like
    हर अदा अंगार थी महबूब की सो
    फूँक डाला इश्क़ चाहत के चिलम से
    Saurabh
    1 Like
    शेर पहले तो गुज़रते हैं अलम से
    बाद उस के कुछ हुआ मेरी क़लम से
    Saurabh
    1 Like
    है मोहब्बत अब मज़हब अपना
    सोच से भी हम सूफ़ी ठहरे
    Saurabh
    1 Like
    हम फ़क़त कुछ ख़्याल लिखते हैं
    आप लेकिन कमाल लिखते हैं

    शेर मक़बूल ज़िक्र से तेरे
    हम कहाँ बेमिसाल लिखते हैं

    हो चुका हिज्र आपसे अब हम
    इश्क़ का इंतिक़ाल लिखते हैं

    शेर बनते नहीं रईसी में
    शायरी पाएमाल लिखते हैं

    जंग से कम नहीं मोहब्बत सो
    इश्क का रंग लाल लिखते हैं
    Read Full
    Saurabh
    2 Likes
    चाँद उस रोज़ ख़ुश हुआ होगा
    हिंद ने जब उसे छुआ होगा
    Saurabh
    1 Like
    मैं सुख़न वर ये मरज़ मेरे लिए था
    लड़खड़ाना और नस नस लड़खड़ाना
    Saurabh
    2 Likes
    फ़ैसले के बाद भी वश लड़खड़ाना
    मारने के बाद तरकश लड़खड़ाना

    दोस्ती का तो सबब ये रह गया अब
    सीख लो तुम साथ में कश लड़खड़ाना

    ये अदा हम में कहाँ से आ गई है
    लड़खड़ाना और दिल कश लड़खड़ाना
    Read Full
    Saurabh
    1 Like

Top 10 of Similar Writers