फ़ैसले के बा'द भी वश लड़खड़ानामारने के बा'द तरकश लड़खड़ानादोस्ती का तो सबब ये रह गया अबसीख लो तुम साथ में कश लड़खड़ानाये अदा हम में कहाँ से आ गई हैलड़खड़ाना और दिल कश लड़खड़ाना— Saurabh