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@Saurabh_Patel
Saurabh shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Saurabh's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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जिन का भी पहनावा सादा होगाउन्हें बदन का इल्म ज़ियादा होगा
कुछ दिन बाद तो ये भी न बोला जाएगाजो भी होगा आगे देखा जाएगा
उम्र भर हम को यही इक काम दे दोदेखने को रोज़ ढलती शाम दे दो
जानता हूँ निशाना बुरा है मिराहोंठ से होंठ का तीर लगता नहीं
ख़ूब सस्ती ये अदावत हो गई हैजंग होना आम बाबत हो गई है
गुज़रने पे किसी के कौन रोया हैसभी ने यार अपना ग़म भिगोया है
कुछ नहीं पाया गँवाया मयकशी मेंथा हमारा वास्ता बस लड़खड़ाना
तब तलक नींद से कोई रिश्ता नहींजब तलक रात है दिन निकलता नहीं
हुस्न भी शामिल करो अब इश्क़ मेंरूह की बातें नहीं सुननी मुझे
ये क्या हो गया है नई नस्ल कोलोग पागल नहीं हो रहे इश्क़ में
हौसला भी लगेगा तुझे साथ मेंहोंठ काफ़ी नहीं चूमने के लिए
आज भी रोका गया है बोलने सेहाल दिल का फिर छुपाना है बलम से
आप वाक़िफ़ नहीं इस फ़ज़ा सेये खुली ज़ुल्फ़ नाज़ुक नहीं है
फ़ायदा ये हुआ डूबने सेतिश्नगी से तआरुफ़ नहीं हैं
हुआ इश्क़ में हाल ऐसालगे ख़ूबसूरत ख़फ़ा भी
मिली तो नहीं है मगर हाँबुरी चीज़ होगी वफ़ा भी
आँख से मुहब्बत के जब ख़ुमार जाएँगेहम सुख़न-वरों के तो रोज़गार जाएँगे
राय हम यही देंगे आपको मुहब्बत मेंख़ानदान से पहले देख ख़ानदानी को
शायरी घूमती है इसी मेंफ़लसफ़ा और दिल का फ़साना
बूँद को ही समंदर बनानाबस यही है मुहब्बत निभाना
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