vo shaadi to karegi magar ek shart par | वो शादी तो करेगी मगर एक शर्त पर

  - Harsh saxena

वो शादी तो करेगी मगर एक शर्त पर
हम हिज्र में रहेंगे अगर नौकरी नहीं

  - Harsh saxena

Hijr Shayari

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    हिज्र में इश्क़ यूँ रखा आबाद
    हिचकियांँ तन्हा तन्हा लेते रहे
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    Anand Raj Singh
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    Ahmad Faraz
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    हमको गुज़रे वक़्त का मातम मनाने दीजिए
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    मोहब्बत इस क़दर की हो गई उनसे
    कहीं वो मिल गए तो मर न जाएँ हम
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