Anand Verma

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@anand-verma

Anand Verma shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Anand Verma's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

तड़पना हिज्र तक सीमित नहीं है उसे दुल्हन भी बनते देखना है — Anand Verma
तुम मेरे कमरे में रुक सकती हो पर मेरे कमरे में बस एक ही तकिया है — Anand Verma

Ghazal

पता मुझ को है पहले से उसे इनकार करना है तसल्ली के लिए मुझ को मगर इज़हार करना है कोई तावीज़ मिल जाए कि ये इच्छा करे पूरी बहुत वो दूर है लेकिन मुझे दीदार करना है इरादा क्या है मेरी जाँ बहुत नज़दीक बैठी हो क़त्ल करना है या हम दो को दो से चार करना है नज़र उन से ये संडे को बाग़ीचे में मिली ऐसी कि अब हफ़्ते के हर दिन को मुझे इतवार करना है सितम करने को बैठी है मगर कोई उसे कह दो अभी कच्चा है दिल इस को ज़रा तय्यार करना है मिरी कश्ती को लहरें तोड़ बैठी हैं तो अब मुझ को किनारे पर खड़े हो कर समुंदर पार करना है — Anand Verma
ये दुनिया, दुनिया नइ है इक पिंजरा है या'नी हर पिंजरे में झूठी दुनिया है जाने में हर रस्ता लंबा लगता है आने में पर घर जल्दी आ जाता है ख़त के ऊपर नाम लिखा है मेरा, पर पढ़ कर लगता है ग़लती से भेजा है जिस ने दरिया में बस पत्थर फेंके थे मैं ने उस के सामने सिक्का फेंका है मैं समझा था सामने तुम ही बैठी हो ग़ौर से देखा तब समझा आईना है तुम मेरे कमरे में रुक सकती हो पर मेरे कमरे में बस एक ही तकिया है घर न जाने के तो सौ सौ रस्ते है घर जाने का लेकिन एक ही रस्ता है देख रहा हूँ आग लगाकर बारिश में आग बुझेगी या फिर पानी जलना है — Anand Verma