Wahid Ejaz Meer

Wahid Ejaz Meer

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Wahid Ejaz Meer shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Wahid Ejaz Meer's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

ये जो हम लोग हैं एहसास में जलते हुए लोग हम ज़मीं-ज़ाद न होते तो सितारे होते — Wahid Ejaz Meer

Ghazal

खींच कर रात की दीवार पे मारे होते मेरे हाथों में अगर चाँद सितारे होते हमने इक दूजे को ख़ुद हार दिया दुख है यही काश हम दुनिया से लड़ते हुए हारे होते ये जो हम लोग हैं एहसास में जलते हुए लोग हम ज़मीं-ज़ाद न होते तो सितारे होते यार क्या जंग थी जो हार के तुम कहते हो जीत जाते तो ख़सारे ही ख़सारे होते ये जो आँसू हैं मेरी पलकों पे पानी जैसे उस की आँखों से उभरते तो सितारे होते इतनी हैरत तुम्हें मुझ पर नहीं होनी थी अगर तुमने कुछ रोज़ मेरी तरह गुज़ारे होते तुम को इंकार की खू मार गई है 'वाहिद' हर भँवर से न उलझते तो किनारे होते — Wahid Ejaz Meer