Zia Zameer

Zia Zameer

@zia-zameer

Zia Zameer shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Zia Zameer's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

1

Content

4

Likes

53

Shayari
Audios
  • Sher(2)
  • Ghazal(2)

Sher

अब के होली पे लगा रंग उतरता ही नहीं किस ने इस बार हमें रंग लगाया हुआ है — Zia Zameer
मुल्क तो मुल्क घरों पर भी है क़ब्ज़ा उस का अब तो घर भी नहीं चलते हैं सियासत के बग़ैर — Zia Zameer

Ghazal

दूर भी जाते हुए पास भी आते हुए हम भूलते भूलते कुछ याद दिलाते हुए हम नींद का इस को नशा हम को जगाने की हवस ख़्वाब में आते हुए नींद चुराते हुए हम पहले रोते हुए अपनी ही निगहबानी में और बे-साख़्ता फिर ख़ुद को हँसाते हुए हम पिछली शब पोंछते आँखों से पुराने सभी ख़्वाब अगली शब ख़्वाबों का अम्बार लगाते हुए हम चारा-गर बनते हुए अपनी ही वीरानी में पहली बारिश में अकेले ही नहाते हुए हम ख़ून अरमानों का करते हुए ख़ामोशी से और फिर ख़ून को आँखों में छुपाते हुए हम अपनी झोली में किसी जीत का नश्शा सा लिए उस के कूचे से 'ज़िया' हार के जाते हुए हैं हम — Zia Zameer