अनुराग दरवेश

अनुराग दरवेश

@दरवेश

अनुराग दरवेश shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in अनुराग दरवेश's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

इश्क़ में गिरे हैं हम बिल्कुल सूखे फूलों के जैसे हम को कौन सहेजेगा अपने दिल की अलमारी में — अनुराग दरवेश
अच्छी ग़ज़लें कहने वाले ओ पागल अच्छे शाइ'र तन्हा ही रह जाते हैं — अनुराग दरवेश

Ghazal

आईना देखते ही ख़ुद से ही डर गया हूँ मैं या'नी ख़ुद ही ख़ुदी की नज़रों में गिर गया हूँ मैं कोई भी मुझ को अब मुझ में तो ढूँढ़ता ही नहीं क्या अपने ही अंदर कहीं दब के मर गया हूँ मैं करने थे कुछ काम मुझ को आदम जात की ख़ातिर ये क्या सितम है वक़्त से पहले गुजर गया हूँ मैं तुम ने चाहा तो सोचा कुछ तो अच्छा ही होगा अच्छा हुआ है ये इन जख्मों से भर गया हूँ मैं जिस्म अपने उस के सब नक़्श मिटा दिए मैं ने याद आई तो ख़ुदी के अंदर उतर गया हूँ मैं एक उस के घर का रस्ता ढूँढ़ते ढूँढ़ते भटका सदा सुनी तो न जाने कौन सी डगर गया हूँ मैं परिंद मुझ सेे बेहतर है रस्ते याद है उन्हें नहीं मालूम है पिछली बार कब घर गया हूँ मैं गर जिस्म की चाहत है तो ही मुझ को तलाशो तुम इश्क़ के रास्तों से तो कब का गुजर गया हूँ मैं गुनहगार हो जाऊँगा दुनिया का पता है मुझे दरिया हूँ औं बस उस की ख़ातिर ठहर गया हूँ मैं — अनुराग दरवेश