जो लोग आपसे बड़ा ही प्यार रख चुके
क़दमों पे आप उनकी ही दस्तार रख चुके
बंदूक़ तान दी है मिरे सर पे 'इश्क़ ने
नैनों की धार आप भी तय्यार रख चुके
तुम बिजलियाँ रखो तो रखो हुस्न की यहाँ
हम भी तराज़ू में ये दिल-ए-ज़ार रख चुके
आशिक़ जो सिरफिरे से तुम्हें लग रहे हैं अब
दिल में दबा के वो कई असरार रख चुके
जिस आग से है रौशनी दुनिया में आज भी
सीने में क़ैद वो सभी फ़नकार रख चुके
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