क्यूँ मोहब्बत जता रहे हो मियाँ
मौत अपनी बुला रहे हो मियाँ
इश्क़ पहली दफ़ा हुआ है तभी
चाँद के पार जा रहे हो मियाँ
सौदा तो दिल दिखाने का हुआ है
चाँद तारे दिखा रहे हो मियाँ
इक मुलाक़ात उन सेे क्या हो गई
घर हवा में बना रहे हो मियाँ
मेरे आगे किसी फलां का ज़िक्र
क्यूँ मेरा दिल जला रहे हो मियाँ
चाय ही तो बनाने को कहा था
आप तो मुँह बना रहे हो मियाँ
Read Full