kyun mohabbat jata rahe ho miyaan | क्यूँ मोहब्बत जता रहे हो मियाँ

  - Prit

क्यूँ मोहब्बत जता रहे हो मियाँ
मौत अपनी बुला रहे हो मियाँ
'इश्क़ पहली दफ़ा हुआ है तभी
चाँद के पार जा रहे हो मियाँ

सौदा तो दिल दिखाने का हुआ है
चाँद तारे दिखा रहे हो मियाँ

इक मुलाक़ात उन सेे क्या हो गई
घर हवा में बना रहे हो मियाँ

मेरे आगे किसी फलां का ज़िक्र
क्यूँ मेरा दिल जला रहे हो मियाँ

चाय ही तो बनाने को कहा था
आप तो मुंह बना रहे हो मियाँ

  - Prit

Hawa Shayari

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