हमसे मत पूछो क्या देखते हैं
हम दुखों में मज़ा देखते हैं
तेरी फ़ोटो को हम ज़ूम कर के
लब, निगाहें, गला देखते हैं
इन निगाहों में क्या देखते हैं?
जाम औ’ मयकदा देखते हैं
रूह औ जिस्म को आप देखो
हम वफ़ा में सज़ा देखते हैं
दिल लगाना है घाटे का सौदा
लोग इस
में नफा देखते हैं
आप को देख जब ख़ुद को देखें
हर तरफ़ हम ख़ुदा देखते हैं
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