Nadir Ariz

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@nadir-ariz

Nadir Ariz shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Nadir Ariz's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
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Sher

ए'तिबार आता नहीं तो आज़मा के देख ले हम तेरे सब चाहने वालों में अव्वल आएँगे — Nadir Ariz
इतना प्यारा है वो चेहरा कि नज़र पड़ते ही लोग हाथों की लकीरों की तरफ़ देखते हैं — Nadir Ariz
मैं चूमता हूँ तो वो हाथ खींच लेता है उसे पता है ये सीढ़ी कहाँ पे जानी है — Nadir Ariz
वक़्त देता था वो मिलने का तभी रक्खी थी दोस्त इक दौर था मैं ने भी घड़ी रक्खी थी — Nadir Ariz
अपनी ख़ुद्दारी तो पामाल नहीं कर सकते उस का नंबर है मगर कॉल नहीं कर सकते — Nadir Ariz
रह भी सकता है कहीं नाम तेरा लिक्खा हुआ सारे जंगल की तो पड़ताल नहीं कर सकते — Nadir Ariz

Ghazal

नहीं थीं मौजूद तुम, मैं साथी नहीं बनाता अजीब लगता तमाम मेज़ों पे जोड़े बैठे थे मैं अकेला अजीब लगता दुकाँ बना कर जवाज़ पैदा किया है मौजूदगी का अपनी बग़ैर मक़सद के मैं तिरे रास्ते में बैठा अजीब लगता वो पास आया तो देखना छोड़ कर उसे चूमने लगा मैं शराब-ख़ाने में बैठ कर सादा पानी पीता अजीब लगता तिरी मुहब्बत के जाल में फँसके मैं ने तेरा भरम रखा है अगर परिंदा न क़ैद होता तो ख़ाली पिंजरा अजीब लगता नुमायाँ होने का आम हुलिए में आके मौक़ा गँवा दिया है सभी तवज्जोह से देखते दोस्त अगर तू थोड़ा अजीब लगता — Nadir Ariz
मुहीब जंगल में पहले तो इस तरह किसी झोंपड़ी का होना फिर उस सेे उठते धुएँ ने बावर कराया हम को किसी का होना मुहाफ़िज़ों की नज़र से बचकर उबूर करना है उस गली को और इस में गम्भीर मसअला है जगह-जगह रौशनी का होना शिकारियों ने सुकून जंगल का सारा बर्बाद कर दिया है बहुत ज़रूरी है टारज़न की किसी तरह वापसी का होना मुक़र्रिरा वक़्त पूरा होने से पहले उठकर वो जाने लगता विसाल के रोज़ो-शब बहुत मेरे काम आया घड़ी का होना कहीं भी करतब दिखाना पड़ जाए हम को मुमकिन है अपने फ़न का हम ऐसे जादूगरों के हाथों में लाज़मी है छड़ी का होना ज़रा सी ग़फ़लत से ये न हो रायगाँ चली जाए सारी मेहनत शिकार करने से तुम यक़ीनी बनाओ पहले छुरी का होना मैं ऐसे माली के हाथ सौपूँगा बाग़ दिल का जिसे पता हो शजर की नश्वो-नुमा में बेहतर रहेगा कितनी नमी का होना — Nadir Ariz
मुहीब जंगल में पहले तो इस तरह किसी झोंपड़ी का होना फिर उस सेे उठते धुएँ ने बावर कराया हम को किसी का होना मुहाफ़िज़ों की नज़र से बचकर उबूर करना है उस गली को और इस में गम्भीर मसअला है जगह-जगह रौशनी का होना शिकारियों ने सुकून जंगल का सारा बर्बाद कर दिया है बहुत ज़रूरी है टारज़न की किसी तरह वापसी का होना मुक़र्रिरा वक़्त पूरा होने से पहले उठकर वो जाने लगता विसाल के रोज़ो-शब बहुत मेरे काम आया घड़ी का होना कहीं भी करतब दिखाना पड़ जाए हम को मुमकिन है अपने फ़न का हम ऐसे जादूगरों के हाथों में लाज़मी है छड़ी का होना ज़रा सी ग़फ़लत से ये न हो रायगाँ चली जाए सारी मेहनत शिकार करने से तुम यक़ीनी बनाओ पहले छुरी का होना मैं ऐसे माली के हाथ सौपूँगा बाग़ दिल का जिसे पता हो शजर की नश्वो-नुमा में बेहतर रहेगा कितनी नमी का होना — Nadir Ariz