teri tasveer hamesha hai mirii nazaron men | तेरी तस्वीर हमेशा है मिरी नज़रों में

  - Nadir Ariz

तेरी तस्वीर हमेशा है मिरी नज़रों में
ये सहूलत भी ज़ियादा है मिरी नज़रों में

दूसरे 'इश्क़ में नुक़सान का ख़दशा कम है
ये सड़क उस सेे कुशादा है मिरी नज़रों में

रूप देना है कोई दिल की उदासी को मुझे
डूबती नाव का ख़ाका है मिरी नज़रों में

इस जगह आके ठहर जाता है मंज़र जैसे
आपके बाद अँधेरा है मिरी नज़रों में

उस हवेली से बहुत गहरा तअल्लुक़ था मिरा
उसका एक और भी रस्ता है मिरी नज़रों में

मैं मुहब्बत के ख़दो-ख़ाल से वाक़िफ़ तो नहीं
अपने माँ बाप का ख़ाका है मिरी नज़रों में

  - Nadir Ariz

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