Gaurav Singh

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@Gaurav_Singh

Gaurav Singh Meer shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Gaurav Singh Meer's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
वो जिस तरह से नाम मेरा लेती है मुझे
लगता है मेरे होने से दुनिया जहान है
Gaurav Singh
मैं मुस्कुरा रहा हूँ मगर मुझसे पूछिए
मैं क्या छिपाना चाहता हूँ क्या हुआ मुझे
Gaurav Singh
यूँ ही हमारा सिलसिला चलता रहे मजीद
यूँ ही हमारे दरमियाँ दूरी बनी रहे
Gaurav Singh
तेरी वज़ह से मैं नीम-जाँ सा
न जी सकूँ हूँ न मर सकूँ हूँ
Gaurav Singh
हम अगर साथ जी नहीं सकते
आ गले लग के साथ मर जाएँ
Gaurav Singh
फिर वही रात वही सर्द हवा शोख़ बदन
फिर वही उसका मेरे होंठ पे बोसा रखना
Gaurav Singh
ऐसा हो कोई शख़्स जिसे मैं कहूँ सलाम
तो मुड़ के वो भी मुझसे कहे आप ठीक हैं
Gaurav Singh
चाँद का फिर मेरा रस्ता देखती आँखें तुम्हारी
आज करवाचौथ के दिन काश हम तुम साथ होते
Gaurav Singh
घर से निकलो तो सही क्या मालूम
कब कहाँ कौन खुदा मिल जाए
Gaurav Singh
जिसपे आता है खुल के आता है और
जिससे उठता है उठ ही जाता है दिल
Gaurav Singh
मुझको मुआफ़ कीजिए ये सोच कर के आप
मौका सभी को दूसरा मिलना ही चाहिए
Gaurav Singh
छोड़ने दर तलक चले आए
रोकना चाहते हो बोलो ना
Gaurav Singh
ऐसा न हो कि प्यार का मज़मून भाँप कर
ख़त खोलिए तो उसमें उदासी के अक्स हों
Gaurav Singh
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कुछ लोगों को दोस्त बनाने में हमने
बाक़ी दुनिया को दुश्मन कर डाला है
Gaurav Singh
तुम भी मिले हो मुझको ऐसे सफ़र में जिसमें
पहले भी कितने आए ठहरे चले गए फिर
Gaurav Singh
ईद का दिन था आज और उसने
आज ही मुझसे दूर जाना था
Gaurav Singh
हमारा दिल भी अजीब जंगल है इसमें अक्सर
परिन्द आते हैं उड़ भी जाते हैं क्या ही कीजे
Gaurav Singh
ज़िंदगी लाख डर दिखाए पर
आपका काम है डटे रहना
Gaurav Singh
हम नहीं हैं तुम्हारे जैसे तो
कौन सा तुम हमारे जैसे हो
Gaurav Singh
इतने पैसे कमा लिये मैंने
रौब बातों पे चढ़ गए मेरे
Gaurav Singh

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