jaane kis kii aahat ka intizaar karta hai | जाने किस की आहट का इंतिज़ार करता है

  - Anjum Ludhianvi

जाने किस की आहट का इंतिज़ार करता है
टूट तो चुका है वो देखो कब बिखरता है

ज़ख़्म चाहे जैसा हो एक दिन तो भरता है
आप सोए होते हैं वक़्त काम करता है

रोज़ छुप के तकता है प्यासी प्यासी नज़रों से
उस के घर के आगे से दरिया जब गुज़रता है

दिल का क्या करूँँ यारो मानता नहीं मेरी
अपने दिल की सुनता है अपने मन की करता है

दिल बुझा बुझा हो तो क्या बुरा है रोने में
बारिशों के बा'द 'अंजुम' आसमाँ निखरता है

  - Anjum Ludhianvi

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