अभी भी इश्क़ सच्चा कर रहे हैं
ये बच्चे क्या तमाशा कर रहे हैं
ज़माने से भरोसा उठ चुका है
मगर तुझ पर भरोसा कर रहे हैं
नज़र में आ गए हैं अब हम उस की
नज़र-अंदाज़ इतना कर रहे हैं
हमारा काम ही है इश्क़ करना
हम अपना काम पूरा कर रहे हैं
निभाना उन की फ़ितरत में नहीं है
मगर वादे पे वा'दा कर रहे हैं
निवाला आँसुओं को मिल रहा है
तेरे ग़म से गुज़ारा कर रहे हैं
इन्हें डरता था तन्हा देखने से
मुझे जो लोग तन्हा कर रहे हैं
— Ankit Maurya















