Meaning of

फाग

faag • فاگ

वसंत उत्सव; होली; उत्सव

spring festival; Holi; celebration

بہار کا تہوار; ہولی; جشن

Sanskrit

हया से सुर्ख़ हो जाओगे नज़रें चेहरा चू
मेंगी
तुम्हें इस फाग रंग-ए-इश्क़ से हम अपने रंगेंगे

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फागुन की ये फ़िज़ाऐं तुम बिन हैं रूखी-रूखी
तुम बिन कहो कि मोहन कैसे मनायें होली

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घर में ठंडे चूल्हे पर अगर ख़ाली पतीली है
बताओ कैसे लिख दूँ धूप फागुन की नशीली है

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जब फागुन रंग झमकते हों तब देख बहारें होली की
और दफ़ के शोर खड़कते हों तब देख बहारें होली की

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मौसम-ए-होली है दिन आए हैं रंग और राग के
हम से तुम कुछ माँगने आओ बहाने फाग के

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इतनी ज़हमत कौन उठाए सन्नाटे से बात करे
ख़ुद अपने ज़ख़्मों से उलझे दर्द से दो दो हाथ करे

आँख उठा कर जब से तू ने उस बादल को देखा है
सावन में सूखा घू
में है फागुन में बरसात करे

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फ़ाग पिछले सताई यही फ़रवरी
साल भर ग़म शुमारी यही फ़रवरी

रंग में लाल पीले रहे अश्क भी
आग कब तक लगाई यही फ़रवरी

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हया से सुर्ख़ हो जाओगे नज़रें चेहरा चू
मेंगी
तुम्हें इस फाग रंग-ए-इश्क़ से हम अपने रंगेंगे

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फागुन की ये फ़िज़ाऐं तुम बिन हैं रूखी-रूखी
तुम बिन कहो कि मोहन कैसे मनायें होली

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फाग वसंत के आगमन का सार प्रस्तुत करता है, एक ऐसा समय जो नवीनीकरण और आनंद से भरा होता है। कविता में, यह जीवन के जीवंत रंगों और प्रकृति के पुनर्जन्म की उमंग का प्रतीक है।

कवि अक्सर फाग का उपयोग उत्सव की भावना और एकता के आनंद को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह वसंत की क्षणिक सुंदरता और मानव भावनाओं की स्थायित्व के बीच के विरोधाभास को भी दर्शा सकता है।

फाग जीवन के चक्रीय स्वभाव की याद दिलाता है, उन क्षणों का उत्सव जो हमारे अस्तित्व में रंग भरते हैं।