Meaning of

अंगार

angaar • انگار

अंगारे; चिंगारी; उग्र जुनून

embers; sparks; fiery passion

انگارے; چنگاری; شدید جذبہ

Sanskrit

ज़ब्त कीजे तो दिल है अँगारा और अगर रोइए तो पानी है — Firaq Gorakhpuri
बात तो जब है कि अंगारों पे चल कर देखे आरज़ू फूलों पे चलती है तो क्या चलती है — Dharmesh bashar
इश्क़ में ख़ुद को रहें थे झोंक जो भी अब कफ़न में लौट कर घर जा रहें हैं — Sagar Sahab Badayuni
चले तो पाँव के नीचे कुचल गई कोई शय नशे की झोंक में देखा नहीं कि दुनिया है — Shahab Jafri
मैं पागल तो नहीं कोई किसी के प्यार में दे दूँ खरा सोना है दिल मेरा , इसे भंगार में दे दूँ? — Ali Mohammed Shaikh
"शहीद-ए-आज़म भगतसिंह" आँखों में वो आँसू नहीं कुछ ख़्वाब सँजोया करता था वतन की आज़ादी के ख़ातिर खूनी आँसू रोया करता था आज़ादी का दीवाना था वो रगों में उबाल ख़ानदानी था जिस ने सब कुछ लुटा दिया अपना वो वीर भगत बलिदानी था अंगारों पर चल कर जिस ने एक नई राह बनाई थी उस मतवाले शे'र ने क़सम आज़ादी की खाई थी चाहे उम्र कम रही हो लेकिन वो एक लंबी कहानी था जिस ने सब कुछ लुटा दिया अपना वो वीर भगत बलिदानी था जिस के दिल में सिर्फ़ और सिर्फ़ इन्कलाब की आग थी आँखों में थी जलती ज्वाला लिबास जिस का त्याग थी हर दिल में निशाँ छोड़ गया वो भारत माँ की निशानी था जिस ने सब कुछ लुटा दिया अपना वो वीर भगत बलिदानी था जब तक धरती-अम्बर होंगे मिट न सकेगा नाम तुम्हारा भारत का हर बच्चा-बच्चा याद रखेगा काम तुम्हारा समुंदर से भी गहरा था जो ख़ुद में ही एक रवानी था जिस ने सब कुछ लुटा दिया अपना वो वीर भगत बलिदानी था — "Nadeem khan' Kaavish"

अंगार चमकते अंगारों की छवि उत्पन्न करता है, जो गर्मी और आग की संभावना दोनों का प्रतीक है। कविता में, यह भीतर जलने वाले तीव्र जुनून का प्रतिनिधित्व करता है, जो सृजन और विनाश दोनों में सक्षम है।

कवि अंगार का उपयोग जुनून और परिवर्तन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर शांति और शांति की छवियों के विपरीत होता है, आग की द्वैत प्रकृति को उजागर करता है।

अंगार हमें याद दिलाता है कि हर चिंगारी के भीतर गर्मी और जंगली, अनियंत्रित आग दोनों की संभावना होती है।