Meaning of

अदम

adam • عدم

अस्तित्वहीनता; शून्यता

non-existence; void

عدم; خلا

Arabic

मोहब्बत दो-क़दम पर थक गई थी मगर ये हिज्र कितना चल रहा है — Zubair Ali Tabish
दुश्मनी का सफ़र इक क़दम दो क़दम तुम भी थक जाओगे हम भी थक जाएँगे — Bashir Badr
उसी वक़्त अपने क़दम मोड़ लेना नदी पार से जब इशारा करूँँगा — Siddharth Saaz
सब का ख़ुशी से फ़ासला एक क़दम है हर घर में बस एक ही कमरा कम है — Javed Akhtar
ज़माना चाहे जो आज कर ले नहीं रुकेंगे क़दम हमारे जिस आग से आफ़ताब रौशन वो आग दिल में धधक रही है — Amaan Pathan
मैं हर क़दम पर सँभल सँभल कर भटकने वाला भटकने वालों से काफ़ी बेहतर भटक रहा हूँ — Pallav Mishra

यह शब्द अस्तित्व से परे की स्थिति का सुझाव देता है, एक शून्यता जो खाली भी है और संभावनाओं से भरी हुई भी। कविता में, यह अक्सर अंतिम रहस्य या वह स्थान दर्शाता है जहाँ सृजन शुरू होता है।

कवि इसका उपयोग अस्तित्ववाद, अज्ञात, और जीवन और मृत्यु के चक्रीय स्वभाव के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह शून्यता में समर्पण में पाई जाने वाली शांति का भी प्रतीक हो सकता है।

अस्तित्वहीनता की गोद में, कविता अनंत संभावनाएँ पाती है।