इश्क़ अगर बढ़ता है तो फिर झगड़े भी तो बढ़ते हैंआमदनी जब बढ़ती है तो ख़र्चे भी तो बढ़ते हैंमाना मंज़िल नहीं मिली है हम को लेकिन रोज़ानाएक क़दम उस की जानिब हम आगे भी तो बढ़ते हैं— Tanoj Dadhich