Meaning of

अबस

abas • عبث

व्यर्थ; निरर्थक; बेकार

futile; pointless; in vain

عبث; بے فائدہ; بے مقصد

Arabic

होंठ तबस्सुम से गीले हैं जानाँ या'नी तुम ने कुछ मीठा सोचा है — Rohit Gustakh
दिल भी पागल है कि उस शख़्स से वाबस्ता है जो किसी और का होने दे न अपना रक्खे — Ahmad Faraz
दिलों को तेरे तबस्सुम की याद यूँँ आई कि जगमगा उठें जिस तरह मंदिरों में चराग़ — Firaq Gorakhpuri
कब बार-ए-तबस्सुम मिरे होंटों से उठेगा ये बोझ भी लगता है उठाएगा कोई और — Aanis Moin
ऐसे इक़रार में इनकार के सौ पहलू हैं वो तो कहिए कि लबों पे न तबस्सुम आए — Asad Bhopali
ज़िक्र तबस्सुम का आते ही लगते हैं इतराने लोग और ज़रा सी ठेस लगी तो जा पहुँचे मयख़ाने लोग — Ateeq Allahabadi
मैं जिसे प्यार का अंदाज़ समझ बैठा हूँ वो तबस्सुम वो तकल्लुम तिरी आदत ही न हो — Sahir Ludhianvi
इतना सच बोल कि होंटों का तबस्सुम न बुझे रौशनी ख़त्म न कर आगे अँधेरा होगा — Nida Fazli
न उन लबों पे तबस्सुम न फूल शाख़ों पर गुज़र गए हैं जो मौसम गुज़रने वाले थे — Kaif Uddin Khan

अबस व्यर्थता की भावना को व्यक्त करता है, जहाँ प्रयास व्यर्थ लगते हैं और परिणाम अप्राप्य रहते हैं। कविता में यह अक्सर अस्तित्वगत संघर्षों और एक उदासीन दुनिया में अर्थ की खोज को दर्शाता है।

कवि इसका उपयोग अधूरी इच्छाओं की उदासी या मानव प्रयासों की विडंबना व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह सपनों और वास्तविकता के बीच के अंतर को उजागर कर सकता है।

अबस जीवन के अनुत्तरित प्रश्नों के सामने मौन समर्पण को पकड़ता है।