Meaning of

अरहम

arham • ارحم

सबसे दयालु; सबसे कृपालु

most merciful; kindest

سب سے رحم دل; سب سے مہربان

Arabic

वक़्त हर ज़ख़्म का मरहम तो नहीं बन सकता दर्द कुछ होते हैं ता-उम्र रुलाने वाले — Sada Ambalvi
जब भी माज़ी के ज़ख़्मों पर मुझे हवा लगती है बन के मरहम दिल पे सिगरेट ही दवा लगती है — ALI ZUHRI
भरता भी क्यूँँ कि ज़ख़्म था तेरे फ़िराक़ का फिर हम ने तेरी याद को मरहम समझ लिया — Ajmal Siraj
न हो बरहम जो बोसा बे-इजाज़त ले लिया मैं ने चलो जाने दो बे-ताबी में ऐसा हो ही जाता है — Jalal Lakhnavi
इतनी बे-ताबी कहाँ जाएज़ है यारों इश्क़ में बस अभी मरहम लगाया है असर होने तो दो — Dharmesh bashar
कई दुश्वारियाँ गुज़री तुम्हारा ग़म नहीं गुजरा ज़ख़्म थे जब बदन पे, कोई मरहम नहीं गुजरा — Aryan Goswami

अरहम एक गहरी दया और कृपा का भाव उत्पन्न करता है, जो अक्सर दिव्य गुणों से जुड़ा होता है। कविता में, यह केवल सहानुभूति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि एक असीम, बिना शर्त प्रेम को भी समेटे होता है जो मानवीय सीमाओं से परे होता है।

कवि अक्सर 'अरहम' का उपयोग दिव्य या पारलौकिक प्रेम का वर्णन करने के लिए करते हैं। इसे मानवीय कमजोरी और दिव्य पूर्णता के बीच के अंतर को दर्शाने के लिए भी प्रयोग किया जाता है। यह आध्यात्मिक लालसा या दिव्य संबंध की भावना को उत्पन्न करने के लिए भी प्रयुक्त होता है।

अरहम दिव्य करुणा का सार है, उस असीम प्रेम की याद दिलाता है जिसे कविता पकड़ने की कोशिश करती है।