Meaning of

अर्पण

arpan • ارپن

प्रस्तुति; समर्पण

offering; dedication

پیشکش; نذر

Sanskrit

बहुत मैं हिम्मत भी कर के 'दानिश' सभी को दर्पण दिखा रहा हूँ मरा पड़ा है यहाँ का मुंसिफ़ यही तो मैं सच बता रहा हूँ — Danish Balliavi
हमारे प्रेम का तुम ने विसर्जन कर दिया होगा हमारा टूटना तय था कि दरपन कर दिया होगा — Arohi Tripathi
तन छुपाऊँ मन छुपाऊँ क्या करूँँ दर्पण छुपाऊँ हो रहा ज़ाहिर तू सब सेे कैसे ये जीवन छुपाऊँ — Aman Kumar Shaw "Haif"
बात ज़रा आगे बढ़ सकती है 'दर्पन' अब इक नंबर डायल भी हो सकता है — Darpan
ये न पूछो आत्म क्या है देह का दर्पण समझ लो — Rakesh Mahadiuree
प्रेम राधा प्रेम मोहन है प्रेम स्याही प्रेम दरपन है — Arohi Tripathi
मेरे क़रीब था मगर आँसू नहीं दिखे इतना बदल गया मेरा दर्पण अजीब है — Shiva awasthi

'अर्पण' का मूल अर्थ किसी वस्तु को भक्ति या समर्पण के साथ प्रस्तुत करना है। कविता में, यह शब्द स्वयं को या अपनी भावनाओं को पूरी तरह से किसी अन्य को समर्पित करने की भावनात्मक गहराई को दर्शाता है, जो अक्सर प्रेम, त्याग और समर्पण के विषयों को प्रतिबिंबित करता है।

कवि 'अर्पण' का प्रयोग किसी प्रिय या उद्देश्य के लिए स्वयं को समर्पित करने की गहन क्रिया को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अंतिम बलिदान या निःस्वार्थ प्रेम की सुंदरता का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द अक्सर स्वामित्व या स्वार्थ के विचारों के विपरीत होता है।

'अर्पण' निःस्वार्थता और भक्ति का सार प्रस्तुत करता है, पाठक को बिना प्रतिफल की अपेक्षा किए देने की सुंदरता पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।