Meaning of

अर्श

arsh • عرش

सिंहासन; आकाशीय क्षेत्र; स्वर्ग

throne; celestial sphere; heavens

تخت; آسمانی کرہ; آسمان

Arabic

वर्षों की सब याद सजा के रक्खी है घर में बस सामान नहीं है, समझा कर — Shivam Tiwari
यूँँ पतंगों की तरह जो उड़ रहा है तू 'ज़फ़र' जब गिरेगा फ़र्श पे तब होश आएगा तुझे — ZafarAli Memon
अर्श में तो कोई भी आँख नहीं फिर ये बारिश कहाँ से होती है — Ashutosh Kumar "Baagi"
'हर्ष' वस्ल में जितनी मर्ज़ी शे'र कह लो तुम हिज्र के बिना इन में जान आ नहीं सकती — Harsh saxena
देखिए होगा श्री-कृष्ण का दर्शन क्यूँँ-कर सीना-ए-तंग में दिल गोपियों का है बेकल — Mohsin Kakorvi
अब कभी मिलना न होगा आख़िरी दर्शन समझ लो — Rakesh Mahadiuree
संघर्षों की एक कहानी ये भी है माँ के आँसू केवल माँ ने देखे हैं — Gaurav Singh
तेरी ज़ुल्फ़ों का क्या बयान करूँँ तेरी नालैन अर्श पर जानाँ — RIZWAN ALI RIZWAN

अर्श स्वर्ग की भव्यता और महिमा को व्यक्त करता है, दिव्य अधिकार और आकाशीय व्यवस्था का प्रतीक। कविता में, यह अक्सर अंतिम आकांक्षा या सर्वोच्च शक्ति के सिंहासन का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि अर्श का उपयोग पारलौकिकता और दिव्य महिमा के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह उपलब्धि की चोटी या महत्वाकांक्षा की अप्राप्य ऊँचाइयों का प्रतीक हो सकता है।

अर्श मानव आत्मा की असीम आकांक्षाओं का प्रमाण है, जो हमेशा दिव्यता की ओर बढ़ता है।