Meaning of

अलिफ़

alif • الف

पहला अक्षर; आरंभ

first letter; beginning

پہلا حرف; آغاز

Arabic

दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी — Lal Chand Falak
खूब पहचान लो असरार हूँ मैं जिंस ए उल्फ़त का तलबगार हूँ मैं — Asrar Ul Haq Majaz
मिरी रौशनी तिरे ख़द्द-ओ-ख़ाल से मुख़्तलिफ़ तो नहीं मगर तू क़रीब आ तुझे देख लूँ तू वही है या कोई और है — Saleem Kausar
ये यक़ीं है की मेरी उल्फ़त का होगा उन पर असर कभी न कभी — Anwar Taban
अगर पलक पे है मोती तो ये नहीं काफ़ी हुनर भी चाहिए अल्फ़ाज़ में पिरोने का — Javed Akhtar

'अलिफ़', अरबी वर्णमाला का पहला अक्षर होने के नाते, शुरुआत और विचारों के आरंभ का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर यात्रा की शुरुआत, विचारों के जन्म, या प्रेरणा की प्रारंभिक चिंगारी का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि 'अलिफ़' का उपयोग शुरुआत की पवित्रता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह नए प्रेम की मासूमियत, समझ की सुबह, या जीवन के नए अध्याय की नई शुरुआत का प्रतीक हो सकता है।

'अलिफ़' नई शुरुआत की भावना को पकड़ता है, आगे की अनंत संभावनाओं की याद दिलाता है।