ईद के रोज़ यही अपनी दुआ है रब सेमुल्क में अमन का, उलफ़त का बसेरा हो जाएहर परेशानी से हर शख़्स को मिल जाए नजातइस सियह रात का बस जल्द सवेरा हो जाए— Zaki Azmi