बाक़ी सारे काम भुलाकर इश्क़ कियासुब्ह से ले कर शाम बराबर इश्क़ कियाग़लती ये थोड़े थी इश्क़ किया हम नेग़लती ये थी ग़ैर बिरादर इश्क़ किया— Vashu Pandey