RAJAT AWASTHI

RAJAT AWASTHI

@sada_jeevan_tuchha_vichar

TUSHAR AWASTHI shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in TUSHAR AWASTHI's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Shayari
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  • Sher

वो महीने में मुझ से एक बार मिलती है
जैसे नौकरी पेशा को पगार मिलती है

RAJAT AWASTHI

नहीं लगता है मन अब नौकरी में
मज़ा आने लगा है शायरी में

कमाएँगे ग़ज़ल कह कर भी अब हम
गुज़ारा क्यों करें बस सैलरी में

RAJAT AWASTHI

तेरे खत हम छिपाते भी तो कैसे
कि ग़लती इसमें तो मेरी नहीं थी

अलग कमरा मिला था हमको लेकिन
अलग पर कोई अलमारी नहीं थी

RAJAT AWASTHI

शाख से इक फूल खुद हाथों में मेरे आ गिरा
जब कहा उससे सजाउँगा तुझे उन बालों में

RAJAT AWASTHI

शाख से इक फूल खुद हाथों में मेरे आ गिरा
जब कहा उससे सजाऊंँगा तुझे उन बालों में

RAJAT AWASTHI

हर सुबह उठ के इसको मैं हूँ चूमता
चाय है जैसे ये कोई सौतन तेरी

RAJAT AWASTHI

थोड़ा दुखी जो कल भी था, थोड़ा उदास आज हूंँ
खुश तो नहीं हूंँ मैं मगर आदमी खुशमिजाज हूंँ

RAJAT AWASTHI

रूठता क्यों मेरा हम-सफर अब नहीं
क्या मनाने का मुझमें हुनर अब नहीं

अपनी आंँखों से रुख़सत तूने किया
इस बेघर को मिलेगा वो घर अब नहीं

RAJAT AWASTHI

मुहब्बत में हमने सियासत न की
तभी इश्क़ में कोई बरकत न की

उसे मानता था मैं अपना ख़ुदा
कभी उसकी लेकिन इबादत न की

RAJAT AWASTHI

इस क़दर सादगी सूरत पे बसी है उसकी
उसका आईना भी उससे ही ख़फ़ा लगता है

RAJAT AWASTHI

शिकायत मुझे थी इसी बात से
कि तू ने कभी भी शिकायत न की

यहाँ मैं ही तो था रियासत तेरी
तूने हम पे भी तो हुकूमत न की

RAJAT AWASTHI

तेरा नाम जब लिख दिया रेत पर
समंदर ने फिर कोई हरकत न की

RAJAT AWASTHI