Meaning of

आग़ोश

aaghosh • آغوش

आलिंगन; गोद; आश्रय

embrace; bosom; shelter

آغوش; گود; پناہ

Persian

वो अक़्ल-मंद कभी जोश में नहीं आता गले तो लगता है आग़ोश में नहीं आता — Farhat Ehsaas
माँ की आग़ोश में कल मौत की आग़ोश में आज हम को दुनिया में ये दो वक़्त सुहाने से मिले — Kaif Bhopali
बढ़ के तूफ़ान को आग़ोश में ले ले अपनी डूबने वाले तिरे हाथ से साहिल तो गया — Abdul Hamid Adam
शब की आग़ोश में महताब उतारा उस ने मेरी आँखों में कोई ख़्वाब उतारा उस ने — Azm Shakri
गुल-दान में गुलाब की कलियाँ महक उठीं कुर्सी ने उस को देख के आग़ोश वा किया — Mohammad Alvi
हम हैं वो लोग कि आग़ोश न कांधा कोई गोलियाँ नींद की खाते हैं सुकूॅं पाने को — Binte Reshma

आग़ोश गर्मजोशी, सुरक्षा और अंतरंगता को व्यक्त करता है। कविता में, यह प्रियजन के आरामदायक आलिंगन या प्रकृति के पोषणकारी आश्रय का प्रतीक है, जो अपनापन और शांति की भावना को जागृत करता है।

कवि अक्सर 'आग़ोश' का उपयोग प्रेम और सांत्वना के दृश्यों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह वह कोमल आश्रय है जहाँ दिलों को आराम मिलता है और आत्माएँ पुनर्जीवित होती हैं।

आग़ोश की कोमल तहों में, कविता को अपना आश्रय मिलता है। यह वह जगह है जहाँ दिल की फुसफुसाहट सबसे स्पष्ट रूप से सुनी जाती है।