Meaning of

आतिश-ए-इश्क़

aatish-e-ishq • آتش عشق

प्रेम की आग; उग्र ज्वाला

fire of love; passionate flame

محبت کی آگ; پرجوش شعلہ

Persian

आतिश-ए-इश्क़ में जले दिल को
आओ मिल कर सुपुर्द-ए-ख़ाक करें

0

Download Image

आतिश-ए-इश्क़ में जब क़ल्ब-ए-शजर जलने लगा
हर कोई अहल-ए-नज़र दस्त-ए-अदब मलने लगा

मक़सद-ए-हज़रत-ए-राँझा की हिफाज़त के लिए
राह-ए-उल्फ़त पे मैं बे-खौफ़-ओ-ख़तर चलने लगा

2

Download Image

नाज़ हर वक़्त तेरे कौन उठाएगा बता
अब मेरे बा'द तुझे कौन मनाएगा बता

अपने क़दमों को तो मैं गिन के रखूँ राहों में
चल के तू साथ कहाँ तक मेरे आएगा बता

इक मुझे छोड़ के हर सम्त नज़र तेरी गई
और कितना तू निगाहों से गिराएगा बता

मुझ पे इल्ज़ाम लगाने से ये पहले सुन ले
क्या करेगा जो तेरा नाम भी आएगा बता

आतिश-ए-इश्क़ में हम शौक़ से जल जाएँगे
खाक़ मेरी तू हवाओं में उड़ाएगा बता

हम ज़माने से भी लड़ जाएँ जो तेरी ख़ातिर
फ़र्द तू फ़र्ज़ मुहब्बत का निभाएगा बता

2

Download Image

आतिश-ए-इश्क़ में राख हर रोज़ बन जाना
आसान नहीं हैं इश्क़ में इमरोज़ बन जाना

1

Download Image

हुस्न की बस्ती में अफ़सोस शजर हज़रत-ए-दिल
आतिश-ए-इश्क़ में दामन को जला बैठे हैं

0

Download Image

आतिश-ए-इश्क़ में जले दिल को
आओ मिल कर सुपुर्द-ए-ख़ाक करें

0

Download Image

आतिश-ए-इश्क़ में जब क़ल्ब-ए-शजर जलने लगा
हर कोई अहल-ए-नज़र दस्त-ए-अदब मलने लगा

मक़सद-ए-हज़रत-ए-राँझा की हिफाज़त के लिए
राह-ए-उल्फ़त पे मैं बे-खौफ़-ओ-ख़तर चलने लगा

2

Download Image

यह वाक्यांश प्रेम की तीव्र और भस्म करने वाली प्रकृति को पकड़ता है। कविता में, यह गहरे स्नेह की गर्माहट और विनाशकारी क्षमता दोनों का प्रतीक है।

कवि अक्सर इसका उपयोग प्रेम की द्वैत प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं - इसकी पोषण करने और नष्ट करने की क्षमता। यह जुनून की परिवर्तनकारी शक्ति के लिए एक रूपक है।

'आतिश-ए-इश्क़' में, प्रेम की ज्वालाएँ उज्ज्वल जलती हैं, हृदय के मार्ग को प्रकाशित करती हैं।