Meaning of

आब-ए

aab-e • آب

पानी; सार

water; essence

پانی; جوہر

Persian

किताब-ए-इश्क़ में हर आह एक आयत है पर आँसुओं को हुरूफ़‌‌‌‌-ए-मुक़त्तिआ'त समझ — Umair Najmi
'अनीस' आसाँ नहीं आबाद करना घर मुहब्बत का ये उन का काम है जो ज़िन्दगी बर्बाद करते हैं — Meer anees
अल्लाह तेरे हाथ है अब आबरू-ए-शौक़ दम घुट रहा है वक़्त की रफ़्तार देख कर — Bismil Azimabadi
यार बिछड़ कर तुम ने हँसता बसता घर वीरान किया मुझ को भी आबाद न रक्खा अपना भी नुक़्सान किया — Ali Zaryoun
मैं उन्हीं आबादियों में जी रहा होता कहीं तुम अगर हँसते नहीं उस दिन मेरी तक़दीर पर — Zia Mazkoor
अपनी तन्हाई मिरे नाम पे आबाद करे कौन होगा जो मुझे उस की तरह याद करे — Parveen Shakir
अब इस घर की आबादी मेहमानों पर है कोई आ जाए तो वक़्त गुज़र जाता है — Zehra Nigaah
मैं ने आबाद किए कितने ही वीराने 'हफ़ीज़' ज़िंदगी मेरी इक उजड़ी हुई महफ़िल ही सही — Hafeez Banarasi

अपने मूल अर्थ में, 'आब' पानी को संदर्भित करता है, जो जीवनदायी तत्व है जो पोषण और संजीवनी प्रदान करता है। कविता में, यह किसी चीज़ के सार या अंतर्निहित गुण को दर्शाने के लिए विस्तारित होता है, अक्सर पवित्रता, स्पष्टता और गहराई को उजागर करने के लिए उपयोग किया जाता है।

'आब' का उपयोग कवि अक्सर प्रिय की आँखों की पवित्रता या विचार की स्पष्टता को दर्शाने के लिए करते हैं। इसका उपयोग धोखे की धुंधलापन या बंजर हृदय की सूखापन के विपरीत भी किया जा सकता है।

कविता में, 'आब' आत्मा की पवित्रता और हृदय की गहरी इच्छाओं को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।