Meaning of

इंतिहाँ

intihaan • انتہا

चरम; सीमा; पराकाष्ठा

extreme; limit; culmination

انتہا; حد; عروج

Arabic

इंसाँ की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बा'द — Kaifi Azmi
फ़रिश्तों से भी अच्छा मैं बुरा होने से पहले था वो मुझ से इंतिहाई ख़ुश ख़फ़ा होने से पहले था — Anwar Shaoor
तिरे इश्क़ की इंतिहा चाहता हूँ मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ — Allama Iqbal
इब्तिदा वो थी कि जीना था मोहब्बत में मुहाल इंतिहा ये है कि अब मरना भी मुश्किल हो गया — Jigar Moradabadi
न इब्तिदा की ख़बर है न इंतिहा मालूम रहा ये वहम कि हम हैं सो वो भी क्या मालूम — Fani Badayuni
याद उसे इंतिहाई करते हैं सो हम उस की बुराई करते हैं — Jaun Elia
सच घटे या बढ़े तो सच न रहे झूट की कोई इंतिहा ही नहीं — Krishna Bihari Noor
कहीं ये अपनी मोहब्बत की इंतिहा तो नहीं बहुत दिनों से तिरी याद भी नहीं आई — Ahmad Rahi
इश्क़ तिरी इंतिहा इश्क़ मिरी इंतिहा तू भी अभी ना-तमाम मैं भी अभी ना-तमाम — Allama Iqbal
आग थे इब्तिदा-ए-इश्क़ में हम अब जो हैं ख़ाक इंतिहा है ये — Meer Taqi Meer

मूल रूप में 'इंतिहाँ' का अर्थ किसी चीज़ की चरम सीमा या शिखर होता है। कविता में, यह अक्सर भावनाओं या अनुभवों के उस अंतिम बिंदु का प्रतीक होता है, जहाँ भावनाएँ अपनी पराकाष्ठा पर पहुँच जाती हैं।

'इंतिहाँ' का उपयोग कवि प्रेम, दुःख, या तड़प की चरम सीमा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह यात्रा की अंतिमता या भावनात्मक चाप के चरमोत्कर्ष को दर्शा सकता है।

'इंतिहाँ' साधारण से परे पहुँचने का सार पकड़ता है, जहाँ भावनाएँ अनंत के क्षेत्र में प्रवेश करती हैं।