Meaning of

इतराए

itraaye • اتراے

इठलाना; गर्व करना

to strut; to be proud

اکڑنا; فخر کرنا

Persian

देख दुनिया आँख होने पे था पछताया बहुत फिर तुम्हें देखा इन्हीं से और इतराया बहुत — Alankrat Srivastava
ज़मीं को तर-ब-तर करने किसी दिन आएगा बादल न जाने किन ग़रीबों के घरों को खाएगा बादल सितारे नोच लाऊँगा किसी दिन ज़िद पे आया तो अभी ग़र्दिश में हूँ यारों बहुत इतराएगा बादल ये सारी मछलियाँ जब बद-दुआ देने लगेंगी तब समुंदर प्यास से तड़पेगा और मर जाएगा बादल कहीं पर कम कहीं ज़्यादा ये कैसा फ़ैसला तेरा सॅंभल जा वक़्त है वरना बहुत पछताएगा बादल मुनाफ़िक़ है ये रातों का किसी को भी नहीं बख़्शा जवानी ज़ुल्फ़ आँखें और क्या-क्या खाएगा बादल हमीं हैं जो तुझे सर पे चढ़ाकर फिरते रहते हैं कुशादा ज़र्फ़ कर लें हम तो क्या टिक पाएगा बादल — "Nadeem khan' Kaavish"

'इतराए' शब्द आत्मविश्वास और गर्व की भावना को जगाता है। अपने मूल अर्थ में, यह आत्मविश्वास की शारीरिक मुद्रा को दर्शाता है, जो अक्सर थोड़ी अहंकारिता से जुड़ी होती है। कविता में, यह शब्द आत्मविश्वास और घमंड के बीच के नाजुक संतुलन को पकड़ता है, ऐसे चरित्रों की जीवंत छवियाँ बनाता है जो अपनी आकर्षण से अवगत होते हुए एक विशेष अंदाज़ में चलते हैं।

कवि अक्सर 'इतराए' का उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो अपनी आकर्षण से अवगत होते हैं। यह विजय के क्षण या घमंड की सूक्ष्म आलोचना का संकेत दे सकता है। यह शब्द विनम्रता के विपरीत है, गर्व और आत्म-जागरूकता के विषयों की खोज के लिए समृद्ध आधार प्रदान करता है।

शब्दों के नृत्य में, 'इतराए' मानव आत्मा के गर्व और विनम्रता के जटिल खेल का प्रमाण है।