Meaning of

इ'श्क़

i'shq • عشق

प्रेम; जुनून

love; passion

عشق; جنون

Arabic

होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है — Nida Fazli
अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है — Bhaskar Shukla
हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से — Zia Mazkoor
हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे — Abbas Tabish
आज हम दोनों को फ़ुर्सत है, चलो इश्क़ करें इश्क़ दोनों की ज़रूरत है, चलो इश्क़ करें — Rahat Indori

इ'श्क़ एक ऐसा शब्द है जो मात्र स्नेह से परे जाकर गहरे, सब कुछ निगलने वाले जुनून के क्षेत्रों में प्रवेश करता है। कविता में, यह अक्सर एक सर्वग्राही प्रेम का प्रतीक होता है जो तर्क और विवेक को चुनौती देता है, आनंद और निराशा दोनों के सार को पकड़ता है।

कवि इ'श्क़ का उपयोग मानव भावनाओं की गहराई का पता लगाने के लिए करते हैं। इसे अक्सर एक ऐसी शक्ति के रूप में चित्रित किया जाता है जो व्यक्तियों को पागलपन की कगार पर ले जाती है, एक भस्म करने वाली आग जो गर्मी भी देती है और नष्ट भी करती है।

इ'श्क़ जुनून की अनंत लौ है, जो हृदय के सबसे अंधेरे कोनों को रोशन करती है। यह एक आशीर्वाद भी है और एक अभिशाप भी।