Meaning of

ईज़ा

eeza • ایزا

हानि; चोट; कष्ट

harm; injury; distress

نقصان; زخم; تکلیف

Arabic

ज़ुलेख़ा-ए-अज़ीज़ाँ बात ये है भला घाटे का सौदा क्यूँ करें हम — Jaun Elia
है दसहरे में भी यूँँ गर फ़रहत-ओ-ज़ीनत 'नज़ीर' पर दिवाली भी अजब पाकीज़ा-तर त्यौहार है — Nazeer Akbarabadi
कर भी रहा है मुश्किलों से बाप बेटी को विदा है दायज़ा का बोझ जो दिल से नहीं जा पा रहा — Sagar Sahab Badayuni
कोई तो पाकीज़ा सिफ़त पलकों में उस की थी कहीं पलकें उठीं तो चाँदनी हम ने बिखरते देखी है — Divya 'Kumar Sahab'
रूह को पाकीज़ा तो कर लीजिये मानिए गंगा सफ़ाई हो गई — Saarthi Baidyanath
उस की पाकीज़ा जवानी पर्दे की पाबंद होगी किस ने सोचा था कि मंदिर में कभी ताले लगेंगे — Raj

'ईज़ा' शब्द में शारीरिक और भावनात्मक हानि का भाव समाहित है। कविता में, यह अक्सर जीवन द्वारा आत्मा पर लगाए गए मौन कष्ट और अदृश्य घावों को उजागर करता है।

कवियों द्वारा 'ईज़ा' का प्रयोग अस्तित्व के गहरे, अक्सर अनकहे दर्द को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यह प्रेम के बोझ, विश्वासघात के निशान, या अधूरे सपनों की चुप निराशा का प्रतीक हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ईज़ा' आत्मा के छिपे हुए संताप का दर्पण बन जाता है। यह एक ऐसा शब्द है जो मानव पीड़ा की शांत गूंज के साथ गूंजता है।