इजाज़त दो हमें ऐसा बनाएँगेतुम्हारा हुस्न पाक़ीज़ा बनाएँगेकरेंगे चित्रकारी और आँखों कोसमुंदर की तरह गहरा बनाएँगे— jaani Aggarwal taak