jaani Aggarwal taak

jaani Aggarwal taak

@Jaaniaggarwaltaak9205

jaani Aggarwal taak shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in jaani Aggarwal taak's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

बना तुम को समुंदर मैं किनारा हो गया हूँ मिरे तुम हो नहीं पर मैं तुम्हारा हो गया हूँ — jaani Aggarwal taak
तिरे उम्र भर का फ़िराक़ ये मिरे दो पलों की ख़ुराक है तिरी ज़िन्दगी है तबाह तो मिरी ज़िन्दगी भी तो ख़ाक है — jaani Aggarwal taak
न जाने तुम ने कितने घर उजाड़े काट के जंगल किसी को कर के बे घर कैसे घर अपना बनाते हो — jaani Aggarwal taak
किस की क्या औक़ात समझ में आती है अब मुझ को हर बात समझ में आती है — jaani Aggarwal taak
चंद लफ़्ज़ों ने बाँध रक्खा है और वो ये तुम्हें क़सम मेरी — jaani Aggarwal taak
वो यूँँ गया कि कुम्भ के मेले में खो गया इक मैं था उस के बा'द जो कमरे में खो गया — jaani Aggarwal taak
ख़ुशियों से भी मेरा पाला पड़ रक्खा ग़म की हर सौग़ात समझ में आती है — jaani Aggarwal taak
ज़माने भर को तंग रखना है तुझे यूँँ संग संग रखना है — jaani Aggarwal taak

Ghazal