
जताता हूँ कि जैसे मैं सभी ग़म भूल जाऊँगा
मुझे लगता नहीं ऐसा कभी ग़म भूल जाऊँगा
वो लौट आए मिरी इस ज़िन्दगी में चाहे जैसे भी
क़सम खाकर के कहता हूँ अभी ग़म भूल जाऊँगा
— jaani Aggarwal taak
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