
भुला के दर्द सारा ज़िन्दगी में लौट आते
अगर वो शख़्स मिलता आशिक़ी में लौट आते
किसी से प्रेम है मुझ को मधुमक्खी के जैसा
भगा लो जितना चाहे चाशनी में लौट आते
— jaani Aggarwal taak
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