Meaning of

कम-ज़र्फ़

kam-zarf • کم ظرف

संकीर्ण; तुच्छ

narrow-minded; petty

تنگ نظر; چھوٹا

Persian

जानते भी हो मुहब्बत की हक़ीक़त साथी ऐसी कम-ज़र्फ़ी छलक जाती है बुत-ख़ाने में — Rakesh Mahadiuree
वो दुनिया से बिल्कुल जुदा देखते हैं जो कम-ज़र्फ़ में हौसला देखते हैं — Dileep Kumar
कम-ज़र्फ़ दुनिया से भला डरना ही क्या ऐ ज़िंदगी जब साथ है माँ की निगाहों की मुकद्दस आयतें — Kiran K
ऐ बे-वफ़ा ऐ बेहिस-ओ-मक्कार बे-नफ़स कमज़र्फ बे -ज़मीर मेरे सामने मत आ — Shajar Abbas
मर जाना मुफ़्लिसी से गवारा करें ब-शौक़ कम-ज़र्फ का नहीं मगर एहसाँ उठाइए — Asif Mujtaba Farooqui
मकरूज़ होना तेरा गँवारा नहीं मुझे कमज़र्फ मुझ को सारी अज़ीयत क़ुबूल है — Shajar Abbas
मैं तो कमज़र्फ़ एक सहरा हूँ ढूँढ़ती है वो सीपियाँ मुझ में — Ashutosh Kumar "Baagi"
वो जो नाराज़ था मेरे सच से बेहद कमज़र्फ़ था हक़ीक़त में — Meem Alif Shaz

मूल रूप से, 'कम-ज़र्फ़' का अर्थ है सीमित क्षमता या समझ वाला व्यक्ति। कविता में, यह एक ऐसे पात्र की छवि प्रस्तुत करता है जो भावनाओं या विचारों की विशालता को समेटने में असमर्थ है, यह दर्शाता है कि व्यक्ति जीवन या प्रेम की पूर्णता को अपनाने में असमर्थ है।

'कम-ज़र्फ़' का उपयोग कवि अक्सर दुनिया की विशालता और मानव स्वभाव की संकीर्णता के बीच के अंतर को उजागर करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग उन लोगों की आलोचना करने के लिए किया जाता है जो तुच्छ चिंताओं से ऊपर नहीं उठ सकते या जो अपने आसपास की सुंदरता की सराहना करने में असफल होते हैं।

कविता में, 'कम-ज़र्फ़' एक कोमल अनुस्मारक के रूप में कार्य करता है कि अपने क्षितिज का विस्तार करें और जीवन की समृद्धि को अपनाएं।