Meaning of

कर्ज़

karz • قرض

ऋण; कर्ज़; दायित्व

debt; obligation

قرض; ذمہ داری

Arabic

मेरी बरसों की उदासी का सिला कुछ तो मिले उस से कह दो वो मेरा क़र्ज़ चुकाने आए — Khalil Ur Rehman Qamar
ये ऐसा क़र्ज़ है जो मैं अदा कर ही नहीं सकता मैं जब तक घर न लौटूँ मेरी माँ सज्दे में रहती है — Munawwar Rana
क़र्ज़ की पीते थे मय लेकिन समझते थे कि हाँ रंग लावेगी हमारी फ़ाक़ा-मस्ती एक दिन — Mirza Ghalib
अदा हुआ न क़र्ज़ और वजूद ख़त्म हो गया मैं ज़िंदगी का देते देते सूद ख़त्म हो गया — Faryad Aazar
मर न जाऊँ एक दिन ग़म से कहीं सर-ब-सर कर्ज़े में डूबा हूँ ख़ुदा — Ajeetendra Aazi Tamaam

कर्ज़ दायित्व और जिम्मेदारी का भार वहन करता है। कविता में, यह अक्सर उन बोझों का प्रतीक होता है जो हम उठाते हैं, चाहे वे ठोस हों या भावनात्मक, और वे संबंध जो हमें दूसरों से जोड़ते हैं।

कवि 'कर्ज़' का उपयोग कर्तव्य और बलिदान के विषयों की खोज के लिए करते हैं। इसे अक्सर एक श्रृंखला के रूप में चित्रित किया जाता है, जो व्यक्तियों को उनके पिछले कार्यों और वादों से बांधती है।

कर्ज़ उन बंधनों और बोझों की याद दिलाता है जो हम विरासत में पाते हैं। यह वादों की स्थायी प्रकृति और जिम्मेदारी के भार की बात करता है।