Meaning of

कलाम

kalaam • چھوؤں گا

वाणी; भाषण; कविता

speech; discourse; poetry

کلام; تقریر; شاعری

Arabic

छू लेने दो नाज़ुक होंठों को, कुछ और नहीं हैं जाम हैं ये क़ुदरत ने जो हम को बख़्शा है, वो सब सेे हसीं ईनाम हैं ये — Sahir Ludhianvi
इश्क़ नाज़ुक-मिज़ाज है बेहद अक़्ल का बोझ उठा नहीं सकता — Akbar Allahabadi
धूप के एक ही मौसम ने जिन्हें तोड़ दिया इतने नाज़ुक भी ये रिश्ते न बनाए होते — Waseem Barelvi
मैं जानता हूँ तेरी रूह की तलब जानाँ तुझे बदन की तरफ़ से नहीं छुऊँगा मैं — Subhan Asad
जो ये मुमकिन नहीं कलयुग में राम हो जाऊँ मेरी ख़्वाहिश है कि अब्दुल कलाम हो जाऊँ — Bhaskar Shukla
वफ़ा करेंगे निबाहेंगे बात मानेंगे तुम्हें भी याद है कुछ ये कलाम किस का था — Dagh Dehlvi
ज़रा सा ग़म हुआ और रो दिए हम बड़ी नाज़ुक तबीअत हो गई है — Shahzad Ahmad
लब-ए-नाज़ुक के बोसे लूँ तो मिस्सी मुँह बनाती है कफ़-ए-पा को अगर चूमूँ तो मेहंदी रंग लाती है — Aasi Ghazipuri

कलाम मूल रूप से बोले गए शब्द को संदर्भित करता है, जिसके माध्यम से विचार और भावनाएँ व्यक्त की जाती हैं। कविता में, यह आत्मा की गहरी अभिव्यक्तियों के लिए एक माध्यम बन जाता है, जो साधारण वाणी को एक कला रूप में बदल देता है जो दिल के साथ गूंजता है।

कवि अक्सर 'कलाम' का उपयोग शब्दों की शक्ति को उजागर करने के लिए करते हैं। यह वाक्पटुता की सुंदरता या सत्य की चुभन को दर्शा सकता है। यह मौन के विपरीत है, अभिव्यक्ति के महत्व को रेखांकित करता है।

कलाम मौन और अभिव्यक्ति के बीच का पुल है, संवाद की मानव आवश्यकता का प्रमाण है।