Meaning of

कू-ए-जानाँ

koo-e-jaanaan • کوئے جاناں

प्रिय की गली

street of the beloved

کوئے جاناں

Persian

कू-ए-जानाँ में भला अब देखने को क्या बचा सुन रहा हूँ आपने भी बे-वफ़ाई छोड़ दी — Nashir Naqvi
सच बताऊँ तुम्हें 'शजर ज़ैदी' कू-ए-जानाँ बहिश्त लगता है — Shajar Abbas

कू-ए-जानाँ प्रिय की ओर ले जाने वाली अंतरंग और प्रिय गली को जगाता है। कविता में, यह प्रेम की यात्रा का प्रतीक है, जो लालसा और भक्ति से भरी होती है, जहाँ हर कदम दिल की इच्छा के करीब ले जाता है।

कवि कू-ए-जानाँ का उपयोग प्रेम के मार्ग को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह प्रिय की खोज में आने वाली कठिनाइयों और खुशियों के लिए एक रूपक हो सकता है।

कू-ए-जानाँ एक काव्यात्मक यात्रा है, जहाँ हर कदम प्रेम की स्थायी खोज का प्रमाण है।