Meaning of

कू-ए-बुताँ

koo-e-butaan • شیخ جی

मूर्तियों की गली; प्रेमिकाओं की गली

lane of idols; street of beloveds

بتوں کی گلی; محبوبوں کی گلی

Persian

इसी दुनिया में दिखा दें तुम्हें जन्नत की बहार शैख़ जी तुम भी ज़रा कू-ए-बुताँ तक आओ — Ali Sardar Jafri
यूँँ लग रहा है कू-ए-बुताँ में मुझे शजर जैसे मैं आज ख़ुल्द-ए-बरी में पहुँच गया — Shajar Abbas
कल ये पैग़ाम हर इक पीर-ओ-जवां तक पहुँचे हाल-ए-अफ़सुर्दा में हम कू-ए-बुताँ तक पहुँचे — Shajar Abbas
उन से दोज़ख़ में पूछ बैठा हूँ शैख़ जी आप और यहाँ कैसे — Abdulla Asif
जाम-ए-लबरेज़ लिए दस्त-ए-मुबारक में शजर शैख़ जी रोकिए मस्जिद की तरफ़ जाता है — Shajar Abbas
निकले थे जैसे दोस्तों आदम बहिश्त से। कू-ए-बुताँ से ऐसे निकाले गए हैं हम। — Shajar Abbas

अपने मूल अर्थ में, 'कू-ए-बुताँ' मूर्तियों से भरी जगह की छवि प्रस्तुत करता है, जो सौंदर्य और आकर्षण का रूपक है। कविता में, यह उन मोहक गलियों का प्रतीक बन जाता है जहाँ प्रेमिकाएँ रहती हैं, एक ऐसी जगह जो लालसा और चाहत से भरी होती है।

'कू-ए-बुताँ' का उपयोग कवि अक्सर प्रेमिका के निवास की रहस्यमयता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह मोहक रास्तों से गुजरने की यात्रा का संकेत देता है। यह साधारण गलियों के विपरीत, सपनों की दुनिया की झलक प्रदान करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'कू-ए-बुताँ' हृदय की तीर्थयात्रा का प्रतीक बन जाता है। यह पाठक को प्रेम और सौंदर्य की गलियों में भटकने के लिए आमंत्रित करता है।