ख़ुदा जाने के क्या आया गुमाँ मेंचला आया हूँ मैं कू-ए-बुताँ मेंचमन में फूल यूँ नौहा कुनाँ हैकोई ले ले मुझे अपनी अमाँ में— Shajar Abbas